वो पांच खिलाड़ी जिन पर होगी टीमों की नज़र

अगले साल 2019 में आईपीएल के बाद वनडे वर्ल्ड कप इंग्लैंड में होगा. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई से कहा है कि उनके खिलाड़ी मई 2019 के बाद आईपीएल नहीं खेल पाएंगे.

मंगलवार को होने वाली नीलामी में 346 खिलाड़ी शामिल होंगे. सभी टीमों के पास 70 खिलाड़ी चुनने के मौक़े होंगे.

इसमें से वो 50 भारतीय और 20 विदेशी खिलाड़ी चुन सकेंगे. सुबह 10 बजे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी. तो चलिए एक नज़र डालते हैं उन पाँच खिलाड़ियों पर जिस पर सभी टीमों की नज़र होगी.

सैम कैरन (इंग्लैंड)
20 साल के सैम कैरन इंग्लैंड के एक स्थानीय टीम सरे काउंटी से खेलते हैं और इस साल मई महीने से वो अपने परफ़ॉर्मेंस को लेकर चर्चा में हैं.

अपने ऑल राउंड परफॉर्मेंस की बदौलत इंग्लिश टीम में उन्होंने अपनी एक खास जगह बनाई है.

मई में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कैरन ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था. इसके बाद जिन सात टेस्ट मैचों में वो शामिल रहे थे, टीम ने उसमें जीत दर्ज की थी.

इन सातों टेस्ट में कैरन ने 404 रन बनाए थे और 14 विकेट अपने नाम किया था. उन्होंने 16 छक्के भी लगाए थे.

उनका यह धमाकेदार परफॉर्मेंस ही आईपीएल में उनकी दावेदारी मज़बूत करता है. टी-20 खेलों में छक्के लगाने को तरजीह दी जाती है, ऐसे में कैरन को इसका फायदा मिलेगा.

जॉनी बेअरस्टॉ (इंग्लैंड)
29 साल के जॉनी बेअरस्टॉ पर आज तक किसी आईपीएल टीम की नजर नहीं पड़ी थी, जबकि वो 130 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं.

उनकी बिगड़ी परफॉर्मेंस की वजह से वो पिछले साल तक अपनी टीम से बाहर थे.

उनके लिए बाजी तब पलटी जब पिछले साल सितंबर में उन्हें ओपनिंग का मौका दिया गया और तब धुआंधार रन बरसाए.

पिछले दो साल में वो 32 वनडे खेल चुके हैं. उन्होंने इनमें 1559 रन बनाए और उनका औसत 86 का रहा है.

जब भी टीम खराब स्थिति में होती है तो ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा किया जाता है और यही वजह है कि आईपीएल की टीमें उन्हें अपने पाले में लेना चाहेंगी.

डी आर्की शॉर्ट (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के इस लेफ्टी बल्लेबाज को राजस्थान रॉयल्स ने 2017 में अपनी टीम से खेलने का मौका दिया था.

शुरुआती सात मैचों में उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा. वो किसी भी मैच में हाफ सेंचुरी भी नहीं बना पाए थे. यही कारण था कि उन्हें उस वक़्त टीम से बाहर होना पड़ा था.

लेकिन डी आर्की शॉर्ट ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय बिग बैस टूर्नामेंट में वो स्टार खिलाड़ी बन कर उभरे.

45 मैचो में उन्होंने 1400 रन बनाए हैं, जो टूर्नामेंट का रिकॉर्ड था.

डी आर्की शुरुआत दौर के बल्लेबाज़ हैं और धुआंधार बैटिंग उनकी पहचान है. ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में उनके खेलने के चांस बहुत कम हैं, जिससे वो आईपीएल का पूरा सीजन खेल पाएंगे. यही वजह है कि टीमों की नजर उन पर होगी.

Comments

Popular posts from this blog

北京检方依法对孙文斌故意杀害医生案提起公诉

肺炎疫情:“发哨人”引发反审查战,中国人用创意接力反击

Unerwarteter Ärger mit dem Eigenheim